]विप्रो और सेबी के जुर्माने की खबर हाल ही में काफी ज्यादा चल रही है आखिर हुआ क्या समझते हैं बता दे आपको 13 अक्टूबर 2026 को सेबी ने सुप्रिया कोठारी नाम की एक निवेशक पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है यह जुर्माना विप्रो पर नहीं बल्कि सुबह सुप्रिया पर लगा है और जुर्माना लगने का कारण बताएं तो उनके ऊपर विप्रो के कुछ शेयर्स में पौधे को लेकर जाट चल रही है जहां सुप्रिया कोठारी से सेबी के द्वारा दस्तावेज मांगे गए हैं और जानकारी जुटाना का प्रयास किया है लेकिन सुप्रिया को सामान और रिमाइंडर देने के बाद भी वह जवाब नहीं दे रही है और सहयोग नहीं करके दिखाई दे रही है जिस वजह से इन पर यह जुर्माना लगाया गया है।
कब का है यह मामला जाने
बिल्कुल यह मामला अभी का नहीं है सुप्रिया के ऊपर जून 2024 से विप्रो के बाजार बंद होने के बाद 50 करोड़ डॉलर रुपए की यह जांच चल रही थी और 15 लाख रुपए से ज्यादा कैश में मुनाफा था जहां उनके द्वारा विप्रो के कॉल ऑप्शन लेकर खरीदे गए अगले दिन जिस कारण इस पौधे पर सुप्रिया चर्चा का विषय भी बनी हुई है।
मामले की मुख्य जानकारी
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| आदेश की तारीख | 13 अक्टूबर 2026 |
| आदेश देने वाली संस्था | SEBI |
| जुर्माना किस पर | सुप्रिया कोठारी (विप्रो कंपनी पर नहीं) |
| जुर्माने की रकम | 10 लाख रुपये |
| जुर्माने की वजह | जांच में मांगी गई जानकारी और दस्तावेज नहीं देना |
| रकम जमा करने की समय-सीमा | आदेश मिलने के 45 दिन के भीतर |
| जांच किस डील की | विप्रो की 50 करोड़ डॉलर की पांच साल की डील |
| डील की घोषणा | 6 जून 2024 (बाजार बंद होने के बाद) |
सौदे का हिसाब (SEBI के आदेश के मुताबिक)
| विवरण | खरीद (6 जून 2024) | बिक्री (अगला दिन) |
|---|---|---|
| सौदा | विप्रो कॉल ऑप्शन | विप्रो कॉल ऑप्शन |
| मात्रा | 1,15,500 | 1,15,500 |
| औसत प्रीमियम | 8.50 रुपये | 22 रुपये |
| कुल रकम | 9,81,750 रुपये | 25,41,000 रुपये |
| मुनाफा | 15,59,250 रुपये |
क्या साबित हुआ और क्या नहीं
| बात | स्थिति |
|---|---|
| जांच में सहयोग न करने पर जुर्माना | हां |
| इनसाइडर ट्रेडिंग साबित होने का फैसला | नहीं |
| जुर्माना विप्रो कंपनी पर | नहीं |
| विप्रो के कारोबार पर रोक या नुकसान का आंकड़ा | आदेश में नहीं |
| आज मिला नया ऑर्डर या डील | नहीं, डील जून 2024 की है |
यह भी समझ लें
- यह इनसाइडर ट्रेडिंग का दोष साबित होने का फैसला नहीं है। यह जांच में सहयोग न करने पर कार्रवाई है।
- जिस डील का जिक्र है, वह 2024 की है, आज की नई खबर नहीं।
- पैसे चुकाने की जिम्मेदारी सुप्रिया कोठारी की है। उन्हें आदेश के 45 दिन के भीतर रकम जमा करनी होगी।
विप्रो के शेयरधारकों पर असर?
आदेश में विप्रो के कारोबार पर रोक, कमाई में कमी या किसी वित्तीय नुकसान की बात नहीं है। इसलिए इस खबर से कंपनी में संकट मान लेना सही नहीं है, और जुर्माना कंपनी पर न होने को शेयर में तेजी का संकेत भी नहीं मान सकते।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा है, कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।